भोपाल के एमपी नगर में विभिन्न मांगों को लेकर किसान धरने पर बैठ गए हैं। गेहूं खरीदी, भूमि अधिग्रहण मुआवजे और राजस्व मामलों में हो रही देरी के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है।
रीवा एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए 140 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित, 830 किसान प्रभावित होंगे। चोरहटा और उमरी गांवों में जमीन चिन्हांकन पूरा, कैबिनेट स्वीकृति के बाद प्रक्रिया शुरू होगी, जमीन खरीद-बिक्री भी तेज।
केन-बेतवा लिंक सहित सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसानों और आदिवासियों ने पन्ना कलेक्ट्रेट में जोरदार आंदोलन किया। प्रशासन से वार्ता के बाद दस्तावेज उपलब्ध कराने और बेदखली रोकने के आश्वासन पर आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
सतना में 40 साल की माइनिंग लीज पर किसानों की उपजाऊ जमीन देने के प्रस्ताव से भारी असंतोष, मुआवजा मॉडल पर गंभीर सवाल।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर स्वरोंचिष सोमवंशी पर कोर्ट में जवाब न देने पर 10 हजार रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया। मामला भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कटौती से जुड़ा है।
रीवा शहर के अमहिया मार्ग चौड़ीकरण में प्रोफेसर कॉलोनी से बिहारी मोड़ तक लगभग 165 मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं। सर्वे के बाद 8 मीटर अंदर तक चिन्हांकन कर दिया गया है, जिससे लोगों में दहशत है। प्रशासन भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।
सतना-पन्ना रेललाइन के निर्माण कार्य में तेजी, सीएओसी एमएस हासमी ने बरेठिया, नागौद, सकरिया तक का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए निर्देश। नागौद तक अगस्त में ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य, सितंबर में हो सकता है सीआरएस ट्रायल। दूसरी ओर, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने नौकरी और मुआवज़े की मांग को लेकर सांसद को ज्ञापन सौंपा, चेताया आंदोलन की चेतावनी।
छतरपुर जिले की जनसुनवाई में भड़ार और भितारिया गांव के किसानों ने कलेक्टर को शिकायत दी कि प्रशासन ग्रेनाइट कंपनियों को जबरन उनकी जमीन दे रहा है। किसानों ने बताया कि वे अपनी पैतृक भूमि खेती के लिए रखना चाहते हैं। इसी जनसुनवाई में रामजानकी मंदिर का रास्ता बंद करने, और जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर ज़मीन हथियाने की घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।




















